चुआड़ विद्रोह के महानायक "रघुनाथ महतो"




 "रघुनाथ महतो अमर रहे"

धरती की गोद में जनमे, संघर्षों की शान बने,
शोषण के अंधकार में, नयी सुबह की जान बने।

न खेतों ने रोका उनको, न जंगलों ने थामा,
हर दिल की आवाज़ बने वो, हर मन का इक नामा।

"जय झारखंड" का उद्घोष किया, उठी थी गूंज पुरज़ोर,
हर पत्थर गवाही देता, उनका संकल्प था कठोर।

लाठी-डंडे, जेल-ज़ुल्म, कुछ भी उनको ना रोका,
जनता का दिल बन बैठे, बन गया हर द्वार उनका टोका।

सपनों में बसता झारखंड, आँखों में थी आग,
रघुनाथ महतो ने दिखा दिया, संघर्ष नहीं होता बाग।

आज भले ना साथ हों वो, पर जीवित हैं विचारों में,
हर मेहनतकश के हौसले में, हर अधिकारों की पुकारों में।

अमर रहे वह नाम महा, जो दीप जला गया,
रघुनाथ महतो अमर रहें, जो इतिहास बना गया।

By - Shahrukh Sir 

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