मेरा भारत महान - सुभाष चन्द्र बोस

दोस्तों
     “मेरा भारत महान” यह नारा सम्पूर्ण देशवासियों का था, है और हमेशा रहेगा। मगर किसी भी देश का महान कहलाना कोई आम अथवा सरल बात नही है। वह यूँ ही महान नही बनता, बल्कि महान बनाने में अनेक महापुरुषों, विद्वानों और देशभक्तों का योगदान होता है। भारतवर्ष को भी ऐसी ही महान विभूतियों ने श्रेष्ठता प्रदान की।

    भिन्न-भिन्न भाषा-भाषी वाले इस राष्ट्र में अनेक ऐसे विद्वान, धर्मगुरु और देशभक्त पैदा हुए, जिन्होंने भारतवर्ष का नाम सम्पूर्ण विश्व में प्रकाशित किया। ऐसे ही एक देशभक्त थे- ‘सुभाष चन्द्र बोस’ भारत माता के इस लाडले सपूत ने ब्रिटिश हुकूमत के शिकंजे से भारत को स्वतंत्र करने के लिए ऐसे प्रशंसक, रोमांचक और अदभुत कार्य किए कि सुनने वाले दांतों तले उंगलियां दबा लें। ब्रिटिश हुकूमत के सर्वेसर्वा अपना सिर धुनकर रह गए।

    हालांकि अंग्रेजी सरकार ने हर पल यही चेष्टा की, कि सुभाष चन्द्र बोस को सख्त पहरे में कैद कर अपाहिज कर दिया जाये, मगर भला हवा का झोंका भी कभी कैद हुआ है? सुभाष चन्द्र बोस कूटनीतिज्ञ, चालाक और धूर्त अंग्रेज़ अधिकारियों की आँखों में धुल झोंककर यूँ गायब हो गए, मानो वहां थे ही नही। गोर हुक्मरान पांव पटकते रह गए, पर सुभाष चन्द्र बोस की छाया को भी स्पर्श न कर सके।

        बचपन से ही सुभाष चन्द्र बोस को अत्याचारी ब्रिटिश सरकार की वास्तविकता का ज्ञान हो गया था. सुभाष बड़े ही होनहार और मेधावी छात्र तो थे ही, उन्होंने विदेश में रहकर शिक्षा भी प्राप्त कर चुके थे मगर फिर भी उन्होंने स्वदेश लौटकर सुख-सम्मान की सरकारी नौकरी को ठोकर मार दी।
    इसी शुभ संकल्प से उनके हस्तलिखित पत्र, कुछ वक्तव्य तथा रेडियो प्रसारण आपके साथ शेयर कर रहा हूँ। जो आपको अवश्य पसंद आयेंगे।







Netaji subhash chandra Bose
Subhash Chandra Bose



By
Shah Rukh



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